Saturday, 19 October 2013

कुछ नन्हे हाथों को आज हाथ छुडाते देखा है....




कुछ नन्हे हाथों को आज हाथ छुडाते देखा है 
उन कोमल से हाथों पे आज छालों  का गुलदस्ता देखा है
तपती कँकरीली धरती पे दिन भर रेंगते देखा है
खाने के चंद  निवालों पे मैंने उनको पिटते हुए देखा है
भूख मिटाने की खातिर यहाँ रूह नाचती देखी  है 
हर गाड़ी में झाँकती उनकी टपकती आस देखी  है
हँस कर जीने की आशा को आँखों में बहते देखी है
एक सिक्के की खातिर आज मैंने ज़िन्दगी भागती देखी है। …!!!

दोस्तों क्या यही हमारा  हिन्दुस्तान है ?  दिल मायूसी से टूट कर बिखर सा जाता है जब रोज दिल्ली जैसे शहरों में इन भारतवासियों को यूँ जिंदगी गुजारते देखता हूँ। 

Monday, 3 September 2012

कोई खुशियों की चाह में रोया तो कोई दुखों की पनाह में रोया ......
अजीब सिलसिला है इस जिंदगी का भी यार ..,,,,,,,,,,,,,
कोई भरोसे के लिए रोया तो कोई भरोसा करके रोया ....!!!!!

Monday, 27 August 2012

वो दिन भी दूर नहीं जब अमेरिका वाले भी यहाँ आने के लिए वीजा के लिए लाइन में लगना पड़ेगा

नरेन्द्र मोदी ने हाल ही में  कहा है कि सोनिया गाँधी ने गुजरात के विकास में बाधा डालने में कोई कसर नहीं छोड़ी ..." लेकिन गुजरात फिर भी आगे बढ़ा और दुनिया का दूसरा  सबसे ज्यादा विकसित राज्य बना ....और वो दिन भी दूर नहीं जब अमेरिका वाले भी यहाँ आने के लिए वीजा के लिए लाइन में लगना  पड़ेगा ....." ...दोस्तों अब मौका मिला है उसे भुनाना है और सिर्फ एक बार मोदी को प्रधानमंत्री बनाना है अगर नये भारत का निर्माण करना है  तो केवल शायद यही एक उम्मीद बाकि है ......

Wednesday, 22 August 2012

About a Little Sweet Baby...

वो मुस्कुरा के दर्द टाल देता है ...
किसी किसी को ही खुदा ये  कमाल देता है ..
नजर उठा के देखले जिसको वो एक बार ,,,,,,,,
यकीन मानो उसे वो बड़ी मुस्किल में डाल देता है .........!!!!!!!

Saturday, 18 August 2012

जिसे आप सबसे ज्यादा चाहो उसे जिंदगी में कभी मत आजमाना .....
क्योंकि अगर वो गुनाहगार भी निकला तो भी " दिल " तो आपका ही टूटेगा ................

Monday, 30 July 2012

जहां याद ना आये वो तन्हाई किस काम की ....
बिगड़े रिश्ते ही ना बने तो साली " खुददायी " किस काम की ....!!
बेशक अपनी मंजिल तक जाना है मुझे भी ,,,,,
  पर जहां से " अपने " ही ना दिखें वो ऊँचाई किस काम की ...!!!!!!!

Thursday, 19 July 2012

आज हमारे इस महान भारत में सबको एक सुन्दर सी पत्नी , एक माँ और एक बहिन चाहिए लेकिन इक "बेटी " नही.....आखिर क्यों??  कौन समझाए उनको की एक बेटी के बिना तो वो आँगन भी काटने को दौड़ता  है जिसपे खेल के हम इतने बड़े हो गये ....और अगर एक बेटी ही नही होगी तो ना माँ होगी और ना ही सुन्दर सी पत्नी।.....एक बेटी आपको वो सब दे सकती ह जो एक बेटा कभी नही।....किसी ने सच ही कहा है कि " A daughter must in a House because she has love & care for U but a son...He only wants his share in property.."
ये नेक विचार एक डॉक्टर के हैं जिनके 2 बेटे हैं और दोनों अमेरिका में बहुत बड़े डॉक्टर हैं जिनके यह ओबामा भी खाने पे आता है।..लेकिन उनका पिता डॉक्टर आज उनसे दूर यह अपने वतन में अकेला जिंदगी कट रहा है और अपने आप को कोस रहा है की मैंने एक बेटी को जन्म क्यों नही दिया .......
इसलिए मेरी आप सबसे एक छोटी सी विनती है कि  कृपया करके बस इक बार इसको दिल से सोच के देखिये ....जिंदगी संवर जाएगी ....और आप भी ये पहल करे ताकि इस पागल दुनिया के पागल लोग कुछ सोचने पर मजबूर हों।....
आपका दोस्त,,,
विक्रम जाखड़ 
CA Final Student
New Delhi
08882324598