Monday, 30 July 2012

जहां याद ना आये वो तन्हाई किस काम की ....
बिगड़े रिश्ते ही ना बने तो साली " खुददायी " किस काम की ....!!
बेशक अपनी मंजिल तक जाना है मुझे भी ,,,,,
  पर जहां से " अपने " ही ना दिखें वो ऊँचाई किस काम की ...!!!!!!!

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